17ο Διεθνές Συνέδριο Χίντι στην Αθήνα (5-13 Ιουνίου 2019)

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17ο Διεθνές Συνέδριο Χίντι

5-13 Ιουνίου 2019

Πολιτιστικό Πρόγραμμα: 7 Ιουνίου, από τις 9 π.μ. έως τις 9 μ.μ.

Ξενοδοχείο Τιτάνια, Αίθουσες Σωκράτης και Όμηρος, 10ος όροφος, Πανεπιστημίου 52, Αθήνα

Διοργάνωση::

Διεθνές Χίντι Συνέδριο και τα υποστηρικτικά του Ιδρύματα, Περιοδικά και Φόρουμ.

Ελληνο-Ινδική Εταιρεία Πολιτισμού & Ανάπτυξης (ΕΛΙΝΕΠΑ), Αθήνα

Στόχοι

Οι κύριοι στόχοι αυτής της διάσκεψης είναι να να προωθήσει διεθνώς τη γλώσσα και λογοτεχνία των Χίντι, να παρουσιάσει την ινδική παράδοση του Vasudhaiva Kutumbakam (όλος ο κόσμος είναι οικογένεια) σε αντίθεση με την παγκοσμιοποίηση, και να προτείνει μελλοντικές περιοχές γόνιμης έρευνας και συνεργασίας μεταξύ Ινδών και Ευρωπαίων επιστημόνων και καλλιτεχνών στον τομέα αυτό.

Συμμετοχές

Η ελληνική συμμετοχή στο 17ο Διεθνές Συνέδριο Χίντι

Το συνέδριο θα συγκεντρώσει προσωπικότητες των Χίντι, καθηγητές, επιστήμονες, συγγραφείς, γλωσσολόγους, ερευνητές, συντάκτες, κριτικούς, ποιητές, δημοσιογράφους, εκδότες, μουσικούς, τραγουδιστές, χορευτές, Τεχνοκράτες, κ.ά.

Μελετητές και καλλιτέχνες από την Ινδία, την Ελλάδα, και τρίτες χώρες είναι ευπρόσδεκτοι να υποβάλουν τη αίτηση συμμετοχής τους στα ακόλουθα τμήματα του Συνεδρίου.

Ακαδημαϊκό Τμήμα

  1. Διεθνές Συνέδριο – Κεντρικό θέμα: Η Αλήθεια της Δημιουργίας / Δημιουργία της Αλήθειας
  2. Σύνθεση: Ιστορία / Μικρή ιστορία / Ποίηση
  3. Όλες οι γλώσσες: Σύγχρονη ποίηση / τραγούδι / Νέα στίχοι / Μετάφραση / Παιδικά ποιήματα ή κείμενα

Πολιτιστικό Τμήμα

  1. Εκθέσεις ζωγραφικής / φωτογραφιών / περιοδικών
  2. Παρουσίαση του παραδοσιακού χορού Chhattisgarh από τη διάσημο Ινδή χορεύτρια Mamta Ahaar
  3. Παρουσιάσεις Ελλήνων καλλιτεχνώ

Άλλες Εκδηλώσεις

  1. Παρουσίαση των δημιουργιών των συμμετεχόντων
  2. Συμβολικά βραβεία στους διακεκριμένους συμμετέχοντες
  3. Συμβολικά βραβεία στους Έλληνες συντελεστές στην προώθηση της Χίντι και της ινδικής κουλτούρας
  4. Μελέτη και επίσκεψη σε μέρη ιστορικής, πολιτιστικής και περιβαλλοντικής σπουδαιότητας  στην Ελλάδα

Επικοινωνία
Jaiprakash Manas (Ινδία). [email protected]

Δημήτριος Βασιλειάδης (Ελλάδα). Email: [email protected]

विवरण

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी और हिंदी-संस्कृति को प्रतिष्ठित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन (अपनी सहयोगी संस्थाओं (बहुआयामी साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था सृजन-सम्मान, छत्तीसगढ़, साहित्यिक वेब पत्रिका सृजनगाथा डॉट कॉम , प्रो. सहदेव सिंह स्मृति संस्थान नई दिल्ली, श्री सलेकचंद जैन स्मृति संस्थान नई दिल्ली, पत्रिका ‘नये पाठक’ बिलासपुर, ‘वाक्’ कोलकाता, मावलीप्रसाद श्रीवास्तव साहित्यपीठ, रायपुर, ‘सिंधु देवी रथ स्मृति संस्थान’ रायगढ़ ‘शोध-ऋतु’ (अंतर्राष्ट्रीय रिसर्च जर्नल) नांदेड, शोध पत्रिका ‘साहित्य यात्रा’ पटना, पत्रिका ‘पूर्वोत्तर साहित्य विमर्श’ तिनसुकिया असम, ‘ब्रह्म कुमारी आध्यात्मिक विश्वविद्यालय’ माउंट आबू, श्री नर्मदेश्वर संन्यास आश्रम परमार्थ ट्रस्ट अजमेर, विधि भारती परिषद नई दिल्ली , डॉ. सुरेशचंद्र गुप्त स्मृति संस्थान नई दिल्ली, शांतिदेवी वरू स्मृति संस्थान रायपुर आदि के विशेष आत्मीय सहयोग से) द्वारा किये जा रहे प्रयास और पहल के अनुक्रम में अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलनों के सफलतापूर्वक आयोजन के पश्चात अब विख्यात दार्शनिक सुकरात, प्लेटो और अरस्तु की जन्मभूमि (प्राचीन यूनान) ग्रीस की राजधानी एथेंस में सुनिश्चित किया जा रहा है ।

सम्मेलन में हिंदी के चयनित /आधिकारिक विद्वान, अध्यापक, लेखक, भाषाविद्, शोधार्थी, संपादक, अनुवादक, पत्रकार, संगीतकार, गायक, नृत्यकार, चित्रकार, बुद्धिजीवी एवं हिंदी सेवी संस्थाओं के सदस्य, हिन्दी-प्रचारक, हिंदीब्लागर्स, टेक्नोक्रेट आदि स्वेच्छा एवं सहभागिता के आधार पर अर्थात् निजी संसाधन से भाग लेंगे ।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश में सृजनरत स्थापित-नवागत रचनाकारों को जोड़कर स्वंयसेवी आधार पर भाषायी-संस्कृति का प्रचार-प्रसार, साहित्य की सभी विधाओं और उसमें सक्रिय रचनाकारों का प्रजातांत्रिक सम्मान, भाषायी सौहार्द्रता, विविध भाषाओं की रचनाशीलता से परस्पर तादात्म्य और श्रेष्ठता का  अनुशीलन व सम्मान, ज्ञानात्मक सहिष्णुता के लिए सकारात्मक प्रयास, विभिन्न देशों/प्रदेशों का साहित्यिक-सांस्कृतिक-सामाजिक-वैकासिक अध्ययन-परीक्षण-पर्यटन सहित वैश्वीकरण की जगह वसुधैव कुटुम्बकम् की भारतीय परंपरा को प्रोत्साहित करना है ।

अकादमिक आयोजन

1.अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी – केंद्रीय विषय – रचना का सच : सच की रचना
2.रचना पाठ- कहानी पाठ/लघुकथा/एकांकी/संस्मरण/निबंध/आत्मकथा अंशपाठ
3. सर्वभाषा रचना पाठ – समकालीन कविता/गीत/नवगीत/ग़ज़ल/बाल कवितापाठ

अन्य महत्वपूर्ण आयोजन

1.प्रतिभागी चित्रकारों की पेंटिग प्रदर्शनी/फोटो/पत्रिका प्रदर्शनी
2.प्रतिभागी रचनाकारों की कृतियों का विमोचन
3.प्रतिभागियों का प्रतीकात्मक सम्मान
4.यूनान में सृजनरत हिंदीसेवियों/रचनाकारों का सम्मान
5.यूनान के साहित्यिक/सांस्कृतिक/पर्यावरणीय महत्व के महत्वपूर्ण स्थलों का पर्यटन, अध्ययन, अनुशीलन

प्रस्तावित सांस्कृतिक आयोजन

  1. सुप्रसिद्ध नृत्यांगना ममता अहार (रायपुर) की छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य प्रस्तुति
  2. स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति

समन्वय/संपर्क
जयप्रकाश मानस
ईमेल- [email protected]

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