“Address to the Greeks” by Henry Louis Vivian Derozio (Poem)

Henry Louis Vivian Derozio (Kolkata, 18 April 1809 – Kolkata, 26 December 1831) was a Bengali philhellene educator and poet of Portuguese descent and perhaps the first nationalist poet of Modern India. He studied Greek philosophy, drama and classical literature and was influenced by the Greek values of liberty and justice which left a strong impact on …

Where are you looking for me bound man? – Kabir

संत कबीर की कविता – Poem of saint Kabir Translation: Dimitrios Vassiliadis मोको कहाँ ढूंढे रे बन्दे, मैं तो तेरे पास में Moko kahan dhoondhe re bande, Main to tere paas mein Where are you looking for me bound man1? I2 am next to you   ना तीरथ (तीर्थ) में ना मूरत (मूर्त) में, ना कंठ (एकान्त) निवास में Naa teerath mein naa moorat mein, Naa kanth nivaas mein I do not exist …

Where women are worshiped

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः । यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः मनुस्मृति  ३.५६ जहां स्त्रीजाति का आदर-सम्मान होता है, उस स्थान पर देवतागण प्रसन्न रहते हैं । जहां ऐसा नहीं होता, वहां संपन्न किये गये कार्य सफल नहीं होते हैं । मनुस्मृति ३.५६ Όπου λατρεύονται οι γυναίκες, εκεί χαίρονται οι Θεοί Όπου δεν λατρεύονται, εκεί όλα τα …

यूनानी कवि कोंस्तांतिन पी. कवाफ़ी की कविताएँ

अनुवाद : सरेश सलिल सम्पादक: हरि भटनागर, बृजनारायण शर्मा, अनिल जनविजय सहायक सम्पादक: अनिल शाही सहयोग: रवि रतलामी, ए. असफल, रोली जैन रचना समय नवम्बर 2015 पत्रिका में प्रकाशित रचनाओं के लिए सम्पादकों की सहमति अनिवार्य नहीं। यह अंक रचना समय का यह अंक यूनानी कविता के शीर्षस्थ रचनाकार कोंस्तांतिन पी. कवाफ़ी पर एकाग्र है। …

Dhai Akhar Prem ka (Four Letters of Love)

Kabir (Indian mystic poet and saint 15th-century) पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ, पंडित भयो न कोई ढाई आखर प्रेम के, जो पढ़े सो पंडित होए                                                               कबीर Pothi Padh Padh Jag Mua, Pandit Bhayo Na Koye Dhai Aakhar Prem Ke, Jo Padhe so Pandit Hoye Reading the scriptures everyone died, none became wise Only those who …

तोड़ती पत्थर – She was Breaking Stones

Poem by Suryakant Tripathi ‘Nirala’ (21 February 1896 – 15 October 1961 / Midnapore, West Bengal) Translated from Hindi into Greek by Dimitrios Vassiliadis वह तोड़ती पत्थर = Έσπαζε πέτρες देखा मैंने उसे इलाहाबाद के पथ पर = την είδα σ’ ένα δρόμο του Αλλαχαμπάντ वह तोड़ती पत्थर । = εκείνη έσπαζε πέτρες. कोई न छायादार पेड़ …